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हमीरपुर, संवाददाता : हमीरपुर ट्रक चालक के 20 हजार रुपये की चोरी के आरोप में गिरफ्तार हुए दरोगा को निलंबित कर जेल भेज दिया गया है। जेल में उसका पहला पड़ाव मुलाहजा बैरक बना है जहां शुरुआती 10 दिन निगरानी में बिताने होंगे। रिटायरमेंट के पहले ही यह दाग लग गया। इस घटना ने वर्दी की साख को भी छीना है।

सोमवार को हमीरपुर ड्यूटी पर आ रहे दरोगा गिरीश मिश्रा घाटमपुर से एक ट्रक में सवार हुए थे। ट्रक चालक का आरोप है कि रास्ते में उसने चालक के केबिन में रखे पर्स से 20 हजार रुपये निकाल लिए। अलियापुर टोल के पास ट्रक से उतरकर वह एक वैन में बैठ गया। इसी बीच चालक को नकदी गायब होने का शक हुआ। उसने पीछा कर यमुना पुल के पास दरोगा को पकड़ लिया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई और मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जबकि न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। सूचना पर पहुंची पुलिस कोतवाली ले आई।

चालक महेश की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई

चालक महेश की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने दरोगा गिरीश मिश्रा को निलंबित कर दिया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी दरोगा को न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायाधीश ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। जेल में दरोगा को मुलाहजा बैरक में रखा गया है।

पहली रात बेचैनी में बीती

जेल सूत्रों के अनुसार दरोगा को मुलाहजा बैरक में रखा गया है जहां नए बंदियों को स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी के लिए कुछ दिन रखा जाता है। बताया जाता है कि जेल में उसकी पहली रात बेचैनी और करवटें बदलते हुए गुजरी।

रिटायरमेंट से पहले बदल गई जिंदगी

दरोगा की सेवानिवृत्ति में महज करीब तीन माह का समय बचा था। लंबे पुलिस सेवा जीवन के बाद सेवानिवृत्ति की तैयारी कर रहे दरोगा के सामने अब विभागीय कार्रवाई के साथ अदालत की प्रक्रिया भी है। पुलिस महकमे में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।