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बालोद, संवाददाता : बालोद में बड़भूम विद्यालय परिसर में 29 हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

गुरूर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़भूम परिसर में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल परिसर में बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के 29 हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया। शिकायत मिलते ही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) गुरूर ने 2 जुलाई 2026 को विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पेड़ों की अवैध कटाई पूरी तरह सच और प्रमाणित पाई गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बीईओ ने 3 जुलाई 2026 को गुरुर थाना प्रभारी को पत्र लिखा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने का आवेदन दिया है।

सके साथ ही मुख्य आरोपी प्रधान पाठक के निलंबन की अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है

इसके साथ ही मुख्य आरोपी प्रधान पाठक के निलंबन की अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। पूरी प्रक्रिया में प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद की मुख्य भूमिका रही। उनकी सीधी देखरेख में सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को यह नुकसान पहुंचाया गया। नियमानुसार पेड़ों की कटाई से पहले वन या राजस्व विभाग से अनुमति नहीं ली गई थी। यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पेड़ों की इस अवैध कटाई की बाकायदा साजिश रची गई थी। इसके लिए 23 अप्रैल 2026 को शाला विकास समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों को काटने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इस अवैध कार्य को अंजाम देने के लिए शाला विकास समिति के अध्यक्ष जीवन लाल उईके एवं सदस्य निर्मला उईके को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

मामले में नियमों का घोर उल्लंघन और पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग पाया गया है। थाना प्रभारी को नामजद एफआईआर दर्ज करने हेतु पत्र दे दिया गया है। संबंधित प्रधान पाठक डोमर सिंह निषाद एवं अन्य संलिप्त कर्मचारियों के निलंबन हेतु औपचारिक अनुशंसा उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। ललित चंद्राकर, बीईओ गुरूर ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।