नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने गुरुवार को ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए निवेशकों से त्रिपुरा की विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत त्रिपुरा दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत के प्रवेश द्वार और एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘एक्ट ईस्ट’ नीति से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत अब देश के विकास का प्रमुख इंजन बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘एक्ट ईस्ट’ नीति ने पूर्वोत्तर को सीमांत क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़ाकर दक्षिण-पूर्व एशिया से व्यापार, निवेश और संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है। त्रिपुरा में निवेश की अपार संभावनाएं केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026’ निवेशकों को ऐसे राज्य से परिचित कराता है, जो दीर्घकालिक निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अगरतला आसियान क्षेत्र के 67 करोड़ से अधिक लोगों वाले विशाल बाजार तक पहुंच का रणनीतिक केंद्र बन रहा है। प्राकृतिक संसाधनों और उद्योगों की ताकत सिंधिया ने कहा कि त्रिपुरा प्राकृतिक गैस, बांस, अगरवुड, प्राकृतिक रबर, चाय, मसालों और बागवानी उत्पादों से समृद्ध है। इसके साथ ही राज्य में शिक्षित मानव संसाधन, निवेशक-अनुकूल नीतियां, तेजी से विकसित होता बुनियादी ढांचा और भारत का तीसरा अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट गेटवे जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा देश का सबसे बड़ा बांस उत्पादक और प्राकृतिक रबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जिससे विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, निर्यात और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों में व्यापक अवसर मौजूद हैं। बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “निवेश का आधार विश्वास है, विश्वास का आधार बुनियादी ढांचा है और बुनियादी ढांचे का आधार दूरदृष्टि है।” उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने बेहतर संपर्क, आधुनिक अवसंरचना और मजबूत संस्थागत सहयोग के जरिए पूर्वोत्तर के विकास में व्यापक बदलाव किए हैं। उन्होंने भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, कलादान बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना, सबरूम विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), मैत्री सेतु और एकीकृत जांच चौकी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से त्रिपुरा दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व की सराहना केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य बेहतर संपर्क और मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने निवेशकों से इस परिवर्तन का लाभ उठाने और त्रिपुरा की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। Post navigation PM Modi की ऑस्ट्रेलिया यात्रा में 18 बड़े फैसले, साइबर से रक्षा तक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार जीतन राम मांझी ने बैंकों से आसान ऋण उपलब्ध कराने का किया आग्रह