नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए अदम्य साहस दिखाने वाले वीरों को राष्ट्र सलाम कर रहा है। सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और पुलिस के जवानों से लेकर सीबीआई के अधिकारियों तक, उल्लेखनीय सेवा और शौर्य के लिए कई जांबाजों को राष्ट्रपति के वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया है। कीर्ति चक्र से लेकर राष्ट्रपति पुलिस पदक तक, जानिए इस बार सम्मान पाने वाले वीरों की पूरी सूची। सीबीआई के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीबीआई के अधिकारियों और और कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया है। सीबीआई ने बयान में कहा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक शोभा दत्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गिन्नी राणा, पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार सामल, सहायक उप-निरीक्षक रमेश चंद, सहायक उप-निरीक्षक मदन लाल धीमान को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। सीबीआई के 15 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया। इनमें उप कानूनी सलाहकार, ब्रिजेश सिंह, वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट गिरीश जोशी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश चंद्र, पुलिस उपाधीक्षक जहीर अख्तर अंसारी, पुलिस उपाधीक्षक आशीष आनंद, निरीक्षक सरिता यादव, उप-निरीक्षक रोशन कुमार, सहायक उप-निरीक्षक दिलबर सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल बल्कर सिंह, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार गुर्जर, कांस्टेबल पाल पांडियन आर, कांस्टेबल अजय कुमार सिंह और कांस्टेबल कल्याणदुर्गम सामीउल्लाह शामिल हैं। सीबीआई के 15 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया सीबीआई के 15 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया गया। इनमें उप कानूनी सलाहकार, ब्रिजेश सिंह, वरिष्ठ सिस्टम एनालिस्ट गिरीश जोशी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश चंद्र, पुलिस उपाधीक्षक जहीर अख्तर अंसारी, पुलिस उपाधीक्षक आशीष आनंद, निरीक्षक सरिता यादव, उप-निरीक्षक रोशन कुमार, सहायक उप-निरीक्षक दिलबर सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल बल्कर सिंह, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह बिष्ट, हेड कांस्टेबल कमलेश कुमार गुर्जर, कांस्टेबल पाल पांडियन आर, कांस्टेबल अजय कुमार सिंह और कांस्टेबल कल्याणदुर्गम सामीउल्लाह शामिल हैं। पुलिस और अग्निशमन सेवा के 301 कर्मियों को वीरता पदक केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस और अग्निशमन सेवा के 301 कर्मियों को वीरता पदक दिए जाने की शुक्रवार को घोषणा की। वीरता पदक पाने वालों में 272 पुलिसकर्मी और अग्निशमन सेवा के 29 कर्मी शामिल हैं। इनमें से 197 पदक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले कर्मियों को दिए जाएंगे। स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस, अग्निशमन सेवा, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा सेवा के कुल 1,057 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किया जाएगा।301 वीरता पदकों में से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों, जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51 कर्मियों, पूर्वोत्तर के 12 कर्मियों और अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। वीरता पदक जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, अपराध रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने के दौरान दिखाए गए उल्लेखनीय साहस के लिए दिया जाता है। केंद्र सरकार ने 92 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने की भी घोषणा की है केंद्र सरकार ने 92 कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने की भी घोषणा की है। इन राष्ट्रपति पदकों में से 83 पुलिस सेवा, चार अग्निशमन सेवा, तीन नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड सेवा और दो सुधारात्मक सेवा के कर्मियों को दिए जाने की घोषणा की गई है। यह पदक सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। सरकार ने 664 सराहनीय सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की है जिनमें से 606 पुलिसकर्मियों, 28 अग्निशमन सेवा, 18 नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड सेवा और 12 सुधारात्मक सेवा के कर्मियों को दिए जाने की घोषणा की गई है। सराहनीय सेवा पदक कर्तव्य के प्रति समर्पण और सूझबूझ से की गई बहुमूल्य सेवा के लिए दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में माओवाद-विरोधी अभियान में शामिल बीएसएफ के 20 जवानों को वीरता पदक छत्तीसगढ़ में 2024 में हुए माओवाद-विरोधी अभियान में शामिल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 20 जवानों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। इस अभियान में 29 माओवादी मारे गए थे। कांकेर जिले में 15-16 अप्रैल 2024 को हुई घटना को छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान बताया जाता है। बीएसएफ ने बताया कि 94वीं बटालियन के 20 जवानों को माओवाद-विरोधी अभियान के दौरान उनकी असाधारण बहादुरी के लिए वीरता पदक से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस के डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के साथ मिलकर बिनागुंडा और कल्पार गांवों के पास चलाया गया था। इस अभियान में 29 माओवादी मारे गए और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया गया था। गौरतलब है कि भारत ने मार्च 2026 में खुद को माओवाद हिंसा से मुक्त घोषित किया।बीएसएफ के पांच अन्य अधिकारियों – जिनमें इंस्पेक्टर जनरल (रिटायर्ड) एमएल गर्ग और सीडी अग्रवाल शामिल हैं – को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 42 अन्य अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक के लिए चुना गया है। Post navigation जहरीली गैस के रिसाव से 8 मजदूरों की मौत, शिपब्रेकिंग यार्ड में हुआ हादसा तिरंगे की रोशनी से जगमगा उठे देशभर के स्मारक, जम्मू से मुंबई तक बिखरे राष्ट्रभक्ति के रंग