नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : clean energy : भारत के वैज्ञानिकों ने एक नई पीढ़ी का ऐसा मटेरियल विकसित किया है, जो ऊर्जा स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को अधिक प्रभावी बना सकता है। यह खोज स्वच्छ ऊर्जा को सस्ता और आसानी से उपलब्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। वैज्ञानिकों ने Zn(DAB) और Cd(DAB) नाम के दो नए पॉलिमर मटेरियल तैयार किए हैं। ये मटेरियल साधारण तापमान पर और आसान तरीके से बनाए जा सकते हैं, जिससे इन्हें बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना संभव होगा। यह शोध विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS) और बेंगलुरु की क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर किया है। परीक्षण में पाया गया कि ये मटेरियल ऊर्जा स्टोर करने में बेहद सक्षम हैं। साथ ही, ये लंबे समय तक बिना क्षमता खोए काम कर सकते हैं, जिससे इनकी टिकाऊ क्षमता भी साबित होती है। इसके अलावा, ये मटेरियल पानी से हाइड्रोजन गैस बनाने (ग्रीन हाइड्रोजन) में भी मदद करते हैं। इसमें कम ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, जिससे यह तकनीक भविष्य में सस्ती और ज्यादा प्रभावी हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ईंधन उत्पादन, दोनों क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह तकनीक स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती है। Post navigation एक अप्रैल से लागू होंगे कई बदलाव, नए इनकम टैक्स एक्ट से लेकर ट्रेन टिकट रिफंड तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से NCR की कनेक्टिविटी को बूस्ट मिलेगा – PM Modi