दंतेवाड़ा, संवाददाता :किरंदूल स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (एएमएनएस) प्लांट से निकलने वाला औद्योगिक ठोस अपशिष्ट टेलिंग्स अब बिना किसी अनुमति और वैधानिक प्रक्रिया के सड़क किनारे खुले गड्ढों में डंप किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। किरंदूल स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (एएमएनएस) प्लांट से निकलने वाला औद्योगिक ठोस अपशिष्ट टेलिंग्स अब बिना किसी अनुमति और वैधानिक प्रक्रिया के सड़क किनारे खुले गड्ढों में डंप किया जा रहा है। ताजा मामला मसेनार गांव का है, जहां सड़क किनारे बने एक गड्ढे में करीब तीन ट्रक टेलिंग्स डंप किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस घटना के बाद जिले में टेलिंग्स परिवहन और डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं
इस घटना के बाद जिले में टेलिंग्स परिवहन और डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार बिना किसी डर के सार्वजनिक स्थानों और आबादी के पास औद्योगिक कचरा फेंक रहे हैं। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि या तो ठेकेदारों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है या फिर कंपनी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।
जिस तरह खुले स्थानों पर कचरा डंप किया जा रहा है, वह न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और पर्यावरण विभाग के नियमों का सीधा उल्लंघन भी है।
इस घटना के बाद जिले में टेलिंग्स परिवहन और डंपिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार बिना किसी डर के सार्वजनिक स्थानों और आबादी के पास औद्योगिक कचरा फेंक रहे हैं। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि या तो ठेकेदारों पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है या फिर कंपनी स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। जिस तरह खुले स्थानों पर कचरा डंप किया जा रहा है, वह न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और पर्यावरण विभाग के नियमों का सीधा उल्लंघन भी है।
