चार्ली कर्क हत्याकांड मामले में एफबीआइ निदेशक काश पटेल पर उठे सवाल

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वाशिंगटन , एपी : कंजरवेटिव एक्टिविस्ट चार्ली कर्क की हत्याकांड के बाद एफबीआइ निदेशक काश पटेल का हड़बड़ी में उठाया कदम उनको भारी पड़ सकता है। मंगलवार और बुधवार को उनको कांग्रेस के सामने निगरानी सुनवाई के लिए पेश होना है, जहां उनसे कड़े सवाल पूछे जा सकते हैं।

गौरतलब है कि हत्या के कुछ घंटों के अंदर पटेल ने ये सूचना इंटरनेट मीडिया पर जारी कर दी थी कि हत्याकांड से जुड़े संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने इसका खंडन किया था।

एफबीआइ की साख को चोट पहुंची

इस घटनाक्रम से एफबीआइ की साख को चोट पहुंची। कई मौकों पर ये भी सामने आया कि एफबीआइ अधिकारियों के साथ उनका तालमेल सही नहीं है। इससे उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।

काश पटेल ने जल्दबाजी में कर दिया गलत पोस्ट

कांग्रेस के सामने सुनवाई में ये भी परखा जा सकता है कि राजनीतिक उथल पुथल के दौरान क्या पटेल एफबीआइ को स्थिर रख पाएंगे। कर्क हत्याकांड की जांच बड़ी बारीकी से किए जाने की जरूरत थी क्योंकि वह ट्रंप, पटेल और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के करीबी थे। इस मामले की जांच सॉल्ट लेक सिटी के एजेंट कर ही रहे थे कि पटेल ने एक्स पर पोस्ट कर दिया कि कर्क की हत्या का संदिग्ध अब हिरासत में है।

दूसरी तरफ, यूटा के गवर्नर स्पेंसर काक्स उसी दौरान प्रेस कान्फ्रेंस में कह रहे थे कि संदिग्ध की तलाश की जा रही है। इसी बीच काश पटेल ने फिर ट्वीट किया कि हिरासत में लिए गए संदिग्धों को छोड़ दिया गया है।

अगले दिन शाम को पटेल प्रेस कान्फ्रेंस में पहुंचे

अगले दिन शाम को पटेल प्रेस कान्फ्रेंस में पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की। एक दिन बाद भी जांच आगे न बढ़ने से पटेल नाराज हो उठे और फोन पर ही एफबीआइ अधिकारियों पर बिफर पड़े।

उन्होंने नाराजगी जताई कि हमलावर की तस्वीर उनको न दिखाए जाने के कारण उनसे जानकारी देने में चूक हुई। शुक्रवार सुबह पटेल की हड़बड़ी फिर सामने आई, जब हमलावर के पकड़े जाने से संबंधित प्रेस कान्फ्रेंस में पटेल ने दावा किया कि उनके निर्देश पर एफबीआइ ने आरोपित की तस्वीरों का पहला सेट जारी किया है।

स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध शूटर को पकड़ा

वहीं एफबीआइ की तरफ से कहा गया कि स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध शूटर को पकड़ा गया है। पटेल को निजी मोर्चे पर भी जूझना पड़ रहा है। एफबीआइ से बर्खास्त तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके खिलाफ मुकदमा कर रखा है। अगस्त में काश पटेल ने इन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था।

कर्क की हत्या पर ऑनलाइन टिप्पणियों से बढ़ी नाराजगी चार्ली कर्क के समर्थकों ने उनकी हत्या के बाद ऑनलाइन टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए कर्क को उचित सम्मान देने या अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।

सोशल मीडिया पर काश के खिलाफ लिख रहे लोग

रॉयटर के मुताबिक कर्क की मौत पर इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है। टिप्पणी करनेवाले लगभग 15 लोगों को बर्खास्त या निलंबित किया जा चुका है। कर्क की हत्या पर टिप्पणी को लेकर काफी लोगों को ऑनलाइन गाली गलौज का सामना करना पड़ रहा है या उनके कार्यालयों में फोन करके ऐसे लोगों को बर्खास्त करने की मांग की जा रही है।