गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, संवाददाता : रात के सन्नाटे में हाथियों का झुंड आईटीआई क्षेत्र स्थित कन्या छात्रावास में घुस गया और परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। गनीमत रही कि समय रहते प्रशासन ने 58 छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रात के सन्नाटे में हाथियों का झुंड आईटीआई क्षेत्र स्थित कन्या छात्रावास में घुस गया और परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। गनीमत रही कि समय रहते प्रशासन ने 58 छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। छात्रावास परिसर में मचाई तोड़फोड़रात के समय हाथियों के छात्रावास परिसर में पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। हाथियों ने परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। उन्होंने छात्रावास की बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा गार्ड रूम की खिड़की भी तोड़ दी। घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग ने छात्रावास तथा आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। घर, नर्सरी और फसलों को भी नुकसान तीनों हाथियों का दल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों ने कुछ ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया है। वहीं छात्रावास के पास स्थित शासकीय नर्सरी में पहुंचकर भी हाथियों ने तोड़फोड़ की। इसके अलावा हाथियों ने खेतों में पहुंचकर किसानों की खड़ी फसलों को रौंद दिया, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। लगातार फसल बर्बाद होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वन विभाग और पुलिस की टीम मुस्तैदहाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग के साथ पुलिस की टीम भी क्षेत्र में लगातार मुस्तैद है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके नजदीक नहीं जाने की समझाइश दी जा रही है। हालांकि इसके बावजूद कुछ ग्रामीण हाथियों को देखने और उनका वीडियो बनाने के लिए उनके काफी करीब पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की है क्योंकि हाथियों के करीब जाना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। Post navigation सरकारी स्कूल में छात्र सीख रहे ड्रोन और अंतरिक्ष विज्ञान की तकनीक बस्तर की आत्मसमर्पित माओवादी युवतियों का रैंप वॉक चर्चा में