कासगंज, संवाददाता : कासगंज के पटियाली में फौजी के घर घुसे तीन हथियारबंद बदमाशों का पिंकी यादव ने निहत्थे ही डटकर मुकाबला किया और शोर मचाकर उनकी साजिश विफल कर दी। पिंकी की बहादुरी से परिवार सुरक्षित बाहर निकल आया, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। कासगंज के पटियाली में तीन हथियारबंद बदमाश शुक्रवार को दिनदहाड़े जिलानी गेस्ट हाउस के पास स्थित एक फौजी के मकान में घुस गए और दंपती व मासूम बेटे को बंधक बनाने की कोशिश की। जान की परवाह न करते हुए गृहस्वामी की पत्नी पिंकी दिनदहाड़े मकान में घुसने वाले बदमाशों से भिड़ गई। बदमाश के हाथ में तमंचा देखने के बाद वह दहशत में नहीं आई और उसने एक बदमाश का नकाब खींचकर चेहरा देखने की कोशिश की और शोर मचाने लगी। पिंकी के शोर मचाने एवं भिड़ने से बदमाश छत की ओर भाग गए और उन्होंने छत के रास्ते के किवाड़ बंद कर दिए। बदमाश ऊपर की मंजिल में कैद हो गए।पिंकी मौका मिलते ही अपने पति राहुल यादव एवं अपने पुत्र आर्यन को लेकर घर के बाहर निकल आई और शोर मचाती रही। आसपास के लोग और पशु चराते लोग भी मौके पर आ गए। मौके पर लोगों की भीड़ देखकर पिंकी और राहुल ने लोगों को घटना की जानकारी दी। पिंकी ने बताया कि उनके पति को तमंचे की बट से बदमाशों ने घायल कर दिया था, जिससे वह कुछ देर बेहोश हो गए। वह उस समय घर की ऊपरी मंजिल पर अपना कामकाज निपटा रही थी।बदमाशों के हमले के बाद राहुल की चीख निकली। चीख की आवाज सुनकर वह तुरंत ऊपर से नीचे आ गई। उनका सोता हुआ बेटा भी पिता की चीख सुनकर जाग गया। जब घर में बदमाश दिखे तो उसने बदमाश का नकाब नोचकर चेहरा देखने की कोशिश की। ग्रामीणों के बीच पिंकी का साहस लोगों के बीच चर्चा का केंद्र था। जिलानी गेस्ट हाउस के पास लूट के इरादे से एक घर में तीन हथियारबंद बदमाशों के घुसने और साहस दिखाते हुए बदमाशों को घर के अंदर बंद कर पटियाली-गंजडुंडवारा मार्ग पर जिलानी गेस्ट हाउस के पास लूट के इरादे से एक घर में तीन हथियारबंद बदमाशों के घुसने और साहस दिखाते हुए बदमाशों को घर के अंदर बंद कर गृहस्वामी के परिवार समेत बाहर निकलने के बाद शुक्रवार शाम पूरा इलाका छावनी में बदल गया। पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी।शाम करीब 4:45 बजे एसपी ओपी सिंह के निर्देश पर तत्काल आसपास के थाना क्षेत्रों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। इस बीच एक बदमाश तीन मंजिला भवन से नीचे कूद गया, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद दो बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस प्रयास करती रही। बार-बार बदमाशों से सरेंडर करने को कहा गया, लेकिन पुलिस की अपील का बदमाशों पर कोई असर नहीं हुआ और वे मकान में बैठे रहे। जैसे-जैसे समय बीत रहा था पुलिस की और टीमें लगातार मौके पर पहुंच रही थीं।एसपी ओपी सिंह भी पटियाली रवाना हो गए। सीओ सहावर दुर्गेश मिश्रा सूचना के बाद मौके पर पहुंच गए। पुलिस सामने से घर में प्रवेश नहीं कर पा रही थी। वहीं, मकान के तीन मंजिला होने से ऊंचाई अधिक थी। भवन के पास कोई दूसरा मकान भी नहीं था। ऐसी स्थिति में बाहर से अंदर की स्थिति का अनुमान नहीं लग पा रहा था। देर शाम 7:15 बजे पुलिस ने ट्रैफिक रोककर सीढ़ी के सहारे छत से घर में प्रवेश किया। इसी बीच बदमाशों ने एक के बाद एक चार फायर किए। पुलिस साहस दिखाते हुए घर में घुस गई और 15 मिनट में पुलिस की फायरिंग में दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए फायरिंग होते ही पुलिस और चौकन्नी हो गई। पुलिस साहस दिखाते हुए घर में घुस गई और 15 मिनट में पुलिस की फायरिंग में दोनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया और उनके हथियार कब्जे में ले लिए। बदमाश तमंचों से लैस थे।इसके बाद पुलिस की टीमें घायल बदमाशों को लेकर घर के अंदर से बाहर निकलीं। बदमाशों के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली क्योंकि दिनदहाड़े होने वाली यह वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। ऑपरेशन सफल होने पर एसपी ओपी सिंह ने पुलिस की टीमों की पीठ भी थपथपाई। बदमाशों से पूछताछ कर उन्हें उपचार के लिए सरकारी चिकित्सालय भेजा गया। इस दौरान तीन घंटे तक इलाके में दहशत का आलम रहा। आसपास के इलाकों से पहुंच गए लोग, लग गया जामजिलानी गेस्ट हाउस के पास एक मकान में बदमाशों के घुसने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। पहले गांव के लोग मौके पर पहुंचे, फिर आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ जुट गई।मौके पर सबसे पहले पहुंची पटियाली पुलिस ने गंजडुंडवारा-पटियाली मार्ग पर यातायात रोक दिया। पुलिस को डर था कि कहीं बदमाश फायरिंग न कर दें। जैसे-जैसे पुलिस बल की संख्या मौके पर बढ़ी, वैसे ही सड़क पर रुका यातायात सुचारु होने लगा। ट्रैफिक में फंसे लोग तो निकलने लगे लेकिन भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था ट्रैफिक में फंसे लोग तो निकलने लगे लेकिन भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। पुलिस बार-बार लोगों को सड़क से पीछे कर रही थी। मकान के आसपास के 100 मीटर के एरिया की पुलिस ने पूरी नाकाबंदी कर दी। बार-बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही थी, क्योंकि यह मुठभेड़ लोगों के लिए कौतूहल बनी हुई थी, क्योंकि इस इलाके में पहली बार इस तरह का घटनाक्रम सामने आया था। फायर की आवाज सुनते ही पीछे हटे लोगमौके पर जमा लोगों की भीड़ पीछे हटने का नाम नहीं ले रही थी। जैसे ही पहले फायर की आवाज लोगों ने सुनी तो वे पीछे हटने लगे। इसके बाद लगातार एक के बाद एक फायर की आवाज आई तो लोग काफी पीछे हट गए। लोगों में इस बात का डर था कि कहीं गोली भीड़ की तरफ न आ जाए। Post navigation 12 वर्षो में न तो कहीं दंगा हुआ और न ही लगा कर्फ्यू – CM योगी