डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में गरीबी उन्मूलन के 3.7 करोड़ रुपये (पाकिस्तानी रुपये) अधिकारी डकार गए। ऑडिटर जनरल की जांच में सामने आया है कि इसमें 324 सरकारी अधिकारी शामिल हैं। पाकिस्तान के महालेखा परीक्षक (एजीपी) के अधिकारियों के अनुसार, इसमें सभी स्तर के कर्मचारी शामिल हैं। बेनजीर आय सहायता कार्यक्रम (बीआइएसपी) को गरीबी में रहने वाले लाखों लोगों को जीवन प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था, लेकिन इसमें बार-बार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वास्तव में गरीबों को सहायता प्रदान करने का काम जिन लोगों को सौंपा गया है, वे ही गरीबी को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे भी गंभीर बात यह है कि बीआइएसपी कार्ड के लाभार्थी जब इसका लाभ लेने का प्रयास करते हैं तो उनसे बैंक कर्मचारी और खुदरा विक्रेता अवैध रूप से शुल्क वसूलने का प्रयास करते हैं। Post navigation पीएम मोदी ने विश्व को दिया संदेश उग्रवाद, अलगाववाद और आतंकवाद बर्दाश्त नहीं छोटी मायरा योगी से बोली- ‘मेरा एडमिशन करा दीजिए.. डॉक्टर बनना चाहती हूं