गैस संकट के बीच Delhi-NCR में इलेक्ट्रिक चूल्हा खरीदने की मची होड़

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नई दिल्ली, संवाददाता : आज पूरे भारत में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर एक अजीब सी हलचल और घबराहट का माहौल है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने सीधे तौर पर भारत की रसोई के बजट और सप्लाई चेन पर असर डालना शुरू कर दिया है।

अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बंद कर दिया है। यह समुद्री मार्ग गैस और तेल की वैश्विक सप्लाई के लिए लाइफलाइन माना जाता है। इसके बंद होने से एलपीजी की कमी की आशंका गहरा गई है, जिसने लोगों को विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है।

दो दिनों में 20,000 इंडक्शन की बिक्री

दिल्ली-NCR के बाजारों में नजारा कुछ बदला हुआ है। लोग अब गैस सिलेंडर पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं। सिर्फ पिछले दो दिनों के भीतर दिल्ली में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से लगभग 20,000 इंडक्शन बिक चुके हैं।

लोग भविष्य की तैयारी अभी से कर रहे हैं। कई ग्राहकों का कहना है कि वे इंडक्शन इसलिए खरीद रहे हैं ताकि गैस की किल्लत होने पर वे जरूरी खाना इंडक्शन पर बना सकें और बचे हुए सिलेंडर का इस्तेमाल लंबे समय तक कर सकें। मार्केट में इंडक्शन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। एक अच्छा इंडक्शन 2,000 से 5,000 रुपए के बीच आसानी से मिल जाता है।

माइक्रोवेव और इलेक्ट्रिक केतली की भी बढ़ी मांग
सिर्फ इंडक्शन ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक केतली और माइक्रोवेव की डिमांड में भी तेजी देखी जा रही है। चाय बनाने या पानी गर्म करने जैसे छोटे कामों के लिए लोग केतली का चुनाव कर रहे हैं। दिल्ली में बीते कुछ दिनों में 2,000 से ज्यादा माइक्रोवेव और केतली की बिक्री दर्ज की गई है। आम लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या खाना पकाने के लिए एलपीजी ही सबसे बेहतर विकल्प है या फिर इंडक्शन कुकिंग ज्यादा किफायती साबित हो सकती है। बदलते समय में कई परिवार अब इस बात पर भी विचार कर रहे हैं कि रोजमर्रा की रसोई के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा सस्ता और सुविधाजनक है।

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