नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : केंद्र सरकार ने सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में बिगड़ती स्थिति के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं को दूर किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील को दोहराया।
एक अंतर-मंत्रालयी बैठक में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि मैं आपको यह बताना चाहूंगी कि प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारपूलिंग को अपनाएं, सामान के परिवहन के लिए रेलवे को प्राथमिकता दें और जहां तक संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं। आइए हम सब मिलकर अपने दैनिक जीवन में ऊर्जा बचाने के लिए हर संभव प्रयास करें, ताकि देश पर पड़ रहे मौजूदा आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार- सरकार
देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पर बात करते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आम उपभोक्ता के लिए ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बड़ी परेशानी के बनी रहे। इन सभी कदमों के परिणाम स्वरूप, हमारा कच्चा तेल भंडार अच्छी तरह से बना हुआ हुआ है।
देश में पेट्रोल-डीजल-LPG की कमी नहीं- सरकार
उन्होंने बताया, हमारी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। किसी भी खुदरा बिक्री केंद्र पर ईंधन खत्म होने की कोई घटना सामने नहीं आई है। न ही LPG वितरत केंद्रों पर ऐसी कोई रिपोर्ट मिली है। पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी की आपूर्ति भी सुचारू रूप से जारी है।
प्रतिदिन 1600-1700 करोड़ रुपए का घाटा झेल रहीं तेल कंपनियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा बताए गए सूत्रों के अनुसार, तीन सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा कंपनियां, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इस समय हर दिन 1600 करोड़ रुपए से 1700 करोड़ रुपए के बीच संयुक्त घाटे का सामाना कर रही हैं। सरकार ने कहा कि फिलहाल इस कंपनियों को लिए कोई राहत पैकेज नहीं है।
