पिथौरागढ़, संवाददाता : सोमवार दोपहर तक माैसम सामान्य बना था। दोपहर के आसपास अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। डीडीहाट, तेजम, थल तहसील क्षेत्रों में तेज अंधड़ के साथ मूसलधार बारिश हुई। डीडीहाट में भारी वर्षा से सड़कें लबालब हो गई। सड़क के इस्कबर की दीवार टूटी और पानी बहने लगा। पानी सड़क से नीचे स्थित उद्यान विभाग के भवन में घुसा और भवन में रखी लाखों रुपये मूल्य की सामग्री के साथ कागजात भी बर्बाद हो गए। सड़क के नीचे स्थित कई मकानों में पानी और मलबा घुस गया। तहसील के ही अस्कोट क्षेत्र में भारी वर्षा और अंधड़ से टनकपुर-तवाघाट हाईवे में ओगला से अस्कोट के मध्य जड़िया और हैल्पिया के पास चीड़ के वृक्ष सड़क पर गिर गए और मार्ग बंद हो गया। दो घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए मार्ग खुला वृक्ष हटाने के बाद करीब दो घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए मार्ग खुला। बड़े वाहनों के लिए देर से मार्ग खुला। हाईवे जिले का सबसे व्यस्ततम मार्ग है और वर्तमान में आदि केलास यात्रा भी इसी मार्ग से संचालित हो रही है। यात्रियों के वाहन भी कुछ देर फंसे रहे। अंधड़ और वर्षा के दौरान ही विद्यार्थी ओर शिक्षक भी फंसे। राइंका सिंगाली के शिक्षक अवकाश के बाद घर जाते समय मल्ला सिरोली के पार विशाल वृक्ष की टहनी टूट कर सड़क पर गिरने से लगभग एक घंटे फंसे रहे। वर्षा थमने के बाद स्वय टहनी हटा कर घरों को गए। नाचनी से मिली जानकारी के अनुसार तेजम तहसील के दुलियाबगड़ गांव में तेज अंधड़ से महिमन सिंह के रसोईघर की छत उड़ गई। घटना के समय परिवार के लोग खाना खा रहे थे जो बाल-बाल बचे। डीडीहाट में भारी वर्षा से हुई क्षति का नगरपालिका अध्यक्ष गिरीश चुफाल ने निरीक्षण किया और तहसील प्रशासन से क्षति का आकलन करने की मांग की। लोनिवि सड़क के स्क्रबर के टूटने पर लोनिवि की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोनिवि को क्षतिग्रस्त स्क्रबर की मरम्मत के लिए कई बार अनुरोध किया गया था, लेकिन विभाग ने कदम नहीं उठाए। जिला मुख्यालय पिथौरागढ में भी दोपहर मौसम का मिजाज बदला और तेज गरज के साथ वर्षा हुई। थलकेदार क्षेत्र में जमकर बादल बरसे और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई । Post navigation ईंधन बचाने का हर संभव प्रयास करें, सरकार ने PM Modi की अपील को दोहराया शपथ से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने बता दी क्या होगी ‘पहली प्राथमिकता’