लाहौर समझौता पर नवाज शरीफ ने 25 वर्ष बाद स्वीकार की गलती

LAHORE-SAMJHAUTA

लाहौर, एजेंसी : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को स्वीकार किया कि इस्लामाबाद ने भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ किए गए समझौते का उल्लंघन किया। वर्ष 1999 में नवाज शरीफ ने वाजपेयी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। उस वक्त नवाज शरीफ पाकिस्तान के पीएम थे।

कारगिल युद्ध के संबंध में जनरल परवेज मुशर्रफ पर निशाना साधते हुए नवाज ने अपनी पार्टी पीएमएल-एन की बैठक में बोले , 28 मई 1998 को पाकिस्तान ने पांच परमाणु परीक्षण किए थे । जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी जी यहां आए और हमारे साथ एक समझौता किया था, लेकिन हमने उस समझौते का उल्लंघन किया यह हमारी गलती थी।

कब किया गया था लाहौर समझौता ?
नवाज शरीफ और वाजपेयी ने शिखर सम्मेलन के बाद 21 फरवरी, 1999 को लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों देशों के बीच शांति और स्थिरता के किए यह समझौता किया गया, लेकिन कुछ महीने के अंतराल में जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में पाकिस्तानी सेना द्वारा घुसपैठ के कारण कारगिल युद्ध हुआ।

पहले परमाणु परीक्षण की 26वीं वर्षगांठ मनाई
मंगलवार को पाकिस्तान ने 1998 में हुए पहले परमाणु परीक्षण की 26वीं साल गिरह मनाई। 28 मई १९९८ पाकिस्तान ने बलूचिस्तान प्रांत के छाघी पहाड़ियों में छह परमाणु परीक्षण किए थे। 6 वर्ष बाद पीएमएल-एन के निर्विरोध अध्यक्ष नवाज नवाज शरीफ़ बने 6 वर्ष बाद मंगलवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुन लिए गए। पनामा पेपर्स प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नवाज को यह पद छोड़ना पड़ा था।

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