नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बुधवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर आम जनता को भरोसा दिलाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। देश की वार्षिक रिफाइनिंग क्षमता लगभग 26 करोड़ टन है। उन्होंने साफ किया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है साथ ही किसी भी पेट्रोल पंप पर कमी नहीं है। शर्मा ने बताया कि पेट्रोलियम टर्मिनलों में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने अफवाहों पर विश्वास न करने और पैनिक न करने की अपील की है। पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और पैनिक खरीदारी देखी गई थी, लेकिन सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है। LPG की मात्र बढाई गई वहीं, एलपीजी की बात करें तो सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी की मात्रा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी है। 21 मार्च को यह फैसला लिया गया था। राज्यों से ढाबों, होटलों, औद्योगिक कैंटीनों और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता देने को कहा गया। PNG पर शिफ्ट हो रहे लोगपीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) विस्तार पर जोर देते हुए सरकार ने मंगलवार को एक और गजट नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें आवेदन शुल्क और मंजूरी की समयसीमा को आसान बनाया गया है। सरकार ने बताया kiपिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए, जबकि 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं। 2.5 लाख नए रजिस्ट्रेशन भी हुए हैं। घरेलू पीएनजी कनेक्शनों को 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। CNG की कोई कमी नहींसीएनजी परिवहन के लिए भी पूरी मात्रा उपलब्ध कराई जा रही है। कई कंपनियां 500 रुपये तक फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट माफ करने जैसे प्रोत्साहन दे रही हैं। सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत व्यावसायिक एलपीजी देने का प्रस्ताव भी रखा है, अगर वे पीएनजी विस्तार में सहयोग करें। शर्मा ने कहा कि सभी कदम सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और सामान्य रूप से सिलिंडर बुकिंग करें। हालांकि सरकार ने नागरिकों से अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा बचाने की बात कही है। नाविकों की सुरक्षित ववासीकेब्द्र सरकार ने बुधवार को प्रेस ब्रीफिंग ने यह भी बताया कि मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। DG Shipping ने अब तक 635 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी में मदद की है। 28 फरवरी से अब तक, इस क्षेत्र से लगभग 4,26,000 यात्री भारत लौट चुके हैं। Post navigation IMEC को Bharat-Israel सहयोग से मिली नई ताकत UP : Rinku Singh बने रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर