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गोरखपुर,संवाददाता : एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने अन्य सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस को फुटेज में एक व्यक्ति अपने स्कूटी के साथ नजर आया। पुलिस ने गाड़ी नंबर का मिलान किया तो उसकी पहचान मोहम्मद शाहिद अख्तर निवासी करीमुद्दीनपुर थाना घोसी, मऊ के रूप में शिनाख्त हुई।

डॉ. रोली पुरवार से मांगी थी रंगदारी

गोरखपुर जिले में बड़हलगंज के दुर्गावती हॉस्पिटल की डॉ. रोली पुरवार से पेशेवर अपराधियो ने 20 लाख रुपये रंगदारी नहीं मांगे थे बल्कि मऊ के एक व्यक्ति ने अपने रिश्तेदारों को फंसाने के लिए साजिश रची थी। धमकी भरा पत्र पोस्ट करने के लिए उसने एक व्यक्ति को 22 रुपये और चाय पीने के लिए 10 रुपये दिए थे।

पुलिस ने डाकघर के सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहले पत्र भेजने वाले को पकड़ा, फिर सड़क के किनारे की दुकानों पर लगे कैमरों की मदद से असली आरोपी तक पहुंच गई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पकड़े गए आरोपी की पहचान मऊ जिले के घोसी थाना क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर निवासी मोहम्मद शाहिद के रूप में हुई है। शुक्रवार को एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। एसएसपी ने बताया कि शहर के शाहपुर इलाके के मेडिकल कॉलेज रोड की रहने वाली डॉ. रोली पुरवार बड़हलगंज के दुर्गावती हॉस्पिटल में प्रैक्टिस करती हैं।

मोहम्मद शाहिद अख्तर है साजिशकर्ता

मंगलवार को डॉ. रोली को धमकी भरा पत्र आया था। पुलिस ने डाकघर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से पत्र भेजने वाले केशरी निवासी बेवरी, थाना गोला को पकड़ा गया । केशरी से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि 25 सितंबर को किसी अंजान व्यक्ति ने उसे एक लिफाफा पोस्ट करने के लिए 22 रुपये और चाय पीने के लिए अलग से 10 रुपये दिए थे। जबकि , वह उस व्यक्ति को नहीं जानता।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने अन्य सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस को फुटेज में एक व्यक्ति अपने स्कूटी के साथ नजर आया। पुलिस ने गाड़ी नंबर चेक किया तो उसकी पहचान मोहम्मद शाहिद अख्तर निवासी करीमुद्दीनपुर थाना घोसी, मऊ के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शाहिद को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की और घटना का पर्दाफाश किया।