कानपुर, संवाददाता : Rohingya Arrested : कोतवाल ने कहा कि रोहिंग्या की जानकारी के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों की मदद से प्रमुख सचिव गृह से आदेश कराने की कोशिश की जाएगी। इस प्रकरण में शुक्लागंज की पुलिस भी जांच कर रही है। साहिल की बहन और तीन अन्य पुरुषों की तलाश है। कानपुर में कोतवाली पुलिस के हत्थे चढ़ा रोहिंग्या मो. साहिल के आधार बनवाने में लगे दस्तावेज नहीं पता चल सके। इसकी जांच के लिए लखनऊ के यूआईडीएआई कार्यालय गए विवेचक खाली हाथ लौटे हैं। उन्हें वहां के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश या प्रमुख सचिव गृह के पत्र के बगैर कोई भी जानकारी देने से इन्कार कर दिया। मो. साहिल को बड़े चौराहे से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास आधार, पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज मिले हैं। परिवार शुक्लागंज में रह रहा है। पुलिस को उसके आधार कार्ड में लगे दस्तावेज की जानकारी करनी थी। इसके लिए विवेचक को यूआईडीएआई कार्यालय भेजा गया था। बहन और तीन अन्य पुरुषों की तलाश कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि रोहिंग्या की जानकारी के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों की मदद से प्रमुख सचिव गृह से आदेश कराने की कोशिश की जाएगी। मामले में शुक्लागंज की पुलिस भी जांच कर रही है। साहिल की बहन और तीन अन्य पुरुषों की तलाश है। सभासद के सत्यापन के बाद बना था आधार कार्डडीसीपी पूर्वी के मुताबिक मो. साहिल ने बताया कि सभासद के सत्यापन के बाद उसका आधार कार्ड बना था। पुलिस ने जब सभासद से इस संबंध में पूछताछ की, तो उसने किसी प्रकार का प्रमाणपत्र देने से इन्कार कर दिया। कहा कि मैं जानता तक नहीं हूं। जांच के बाद होगी कार्रवाईइसके बाद विवेचक ने आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसी से जानकारी मांगी है कि आधार बनाने के लिए जिस कागज का इस्तेमाल किया गया वह किसके द्वारा प्रमाणित किया गया था। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। भाई के साथ शहर आया, शादी कर घर बसायामो. साहिल ने पूछताछ में बताया कि वह पिता मो. याहिया, मां रोहिमा बेगम व भाई अनवर, हबीउल्लाह और असमत के साथ शहर आया था। यहां उसने अजीदा बेगम से निकाह कर लिया था। तीन वर्ष की बेटी हबीबा है। वहीं भाई अनवर ने नूर कैदा से शादी कर लिया । Post navigation पुत्र के आत्महत्या के बाद टूट गए थे कबीर बेदी, मिल नहीं रहा था काम UP : भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी ने एक संदिग्ध को पकड़ा