चेन्नई, डिजिटल डेस्क : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 26 अक्टूबर को हुए जेल ब्रेक कांड को लेकर सख्त हैं। शनिवार को थेक्कम्पट्टी उप-जेल के प्रभारी डिप्टी जेल अधीक्षक को निलंबित करने का आदेश दिया। वहीं कई कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की। थेनी जिले की जेल से 17 कैदियों के भागने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विजय ने सख्त कदम उठाए हैं। इन कैदियों ने एक फर्जी मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया। इसके बाद जेल प्रहरियों को कब्जे में लेकर भाग निकले। हालांकि बाद में उन्हें फिर से पकड़ लिया गया। सुरक्षा खामियों पर सख्त मुख्यमंत्री ने कर्तव्य में लापरवाही और सुरक्षा खामियों के लिए जेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत, उप-जेल अधीक्षक (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य भर में जेल प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों का फेरबदल भी किया गया है। क्या है मामला यह घटना 26 अक्टूबर 2026 की रात को हुई, जब उप-जेल में बंद 17 विचाराधीन कैदियों ने ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरियों पर हिंसक हमला किया और उन्हें कब्जे में लेकर भाग निकले। सुरक्षा में सेंध लगने की सूचना मिलते ही, तमिलनाडु पुलिस ने कई एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। सभी भागे हुए कैदी गिरफ्तार पुलिस ने कुछ ही समय में सभी 17 कैदियों को ढूंढ़ निकाला और उन्हें वापस सुरक्षित हिरासत में ले लिया। जेल से दूर झाड़ियों में छिपे आठ कैदियों को खोजने और पकड़ने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। जेल से भागने की घटना के पीछे की लापरवाही, सुरक्षा खामियों और सतर्कता की कमी को गंभीरता से लेते हुए, मुख्यमंत्री विजय ने जेल विभाग को सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इन्हें मिली सजा थेनी जिला उप-जेल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डिप्टी जेलर एन. नागेश्वरन को 30 अक्टूबर 2026 से निलंबित कर दिया गया है। तमिलनाडु सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत जारी इस निलंबन आदेश में कहा गया है कि वे कैदियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर उचित निगरानी, नियंत्रण और सतर्कता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे। यह निलंबन अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों के तत्काल तबादले के आदेश दिए हैं। मदुरै सेंट्रल जेल के अधीक्षक के रूप में कार्यरत आर. कृष्णराज का तबादला कर दिया गया है और उन्हें सलेम सेंट्रल जेल का अधीक्षक नियुक्त किया गया है। के. शंकर बने जेल एवं सुधार सेवाओं के नए एडीजीपी विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल अधिकारियों को पूरी लगन और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, ताकि जेल की सुरक्षा में कोई चूक न हो। जेल से कैदियों के भागने की घटना के बाद, राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक (जेल) संदीप राय राठौर का तबादला करके उन्हें TANGEDCO में सीवीओ (CVO) नियुक्त कर दिया है। वहीं, के. शंकर को जेल एवं सुधार सेवाओं का नया एडीजीपी (ADGP) नियुक्त किया है। Post navigation तमिलनाडु में हर बोतल पर देना होगा पर्यावरण सेस यशस्वी जायसवाल को ये क्या हो गया, न्यूजीलैंड में नहीं चला बल्ला