नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : भारतीय रेलवे में हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। क्या आपने कभी नॉन-एसी (Non-AC) कोच में सफर करते हुए छत पर लगे पंखों पर गौर किया है ? ट्रेनों में लगे ये पंखे न सिर्फ बेहतर हवा देते हैं, बल्कि 50% तक बिजली भी बचाते हैं।
इस क्रांतिकारी बदलाव के पीछे एक प्रमुख भारतीय कंपनी लुकस-टीवीएस (Lucas TVS) का हाथ है। आइए जानते हैं कि इस कंपनी का मालिक कौन है और कैसे इनकी तकनीक ने भारतीय रेलवे के ऊर्जा खर्च को काफी हद तक कम कर दिया है।
कौन है लुकस-टीवीएस का मालिक ?
लुकस-टीवीएस, प्रसिद्ध टीवीएस ग्रुप (TVS Group) और लुकस (UK) का एक जॉइंट वेंचर है। इस कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का श्रेय इसके चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर टी.के. बालाजी (T.K. Balaji) को जाता है।
टी.के. बालाजी एजुकेशन
टी.के. बालाजी ने कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा, वह प्रतिष्ठित IIM अहमदाबाद के एमबीए गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं।
कंपनी का ट्रांसफॉर्मेशन उनके कुशल नेतृत्व में लुकस-टीवीएस ने खुद को एक पारंपरिक ऑटो इलेक्ट्रिकल सप्लायर (स्टार्टर, अल्टरनेटर बनाने वाली कंपनी) से एक वर्ल्ड-क्लास टेक कंपनी में बदल दिया। गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए कंपनी को प्रतिष्ठित डेमिंग पुरस्कार (Deming Prize) से भी नवाजा जा चुका है। वर्तमान में उनके साथ जॉइंट एमडी अरविंद बालाजी भी कंपनी का कार्यभार संभाल रहे हैं।
क्यों पड़ी इन नए पंखों की जरूरत ?
भारतीय रेलवे के EMU, DMU और MEMU जैसे नॉन-एसी कोचों में पहले पारंपरिक ‘ब्रश्ड डीसी मोटर’ (Brushed DC motors) या हाई-पावर एसी मोटरों वाले पंखे इस्तेमाल होते थे। ये पुराने पंखे 50 से 60 वॉट या उससे भी ज्यादा बिजली की खपत करते थे। ट्रेनें अपनी बिजली खुद जनरेटर या ओवरहेड तारों से बनाती हैं, इसलिए हर वॉट की बचत मायने रखती है। पुराने पंखों में लगे ‘ब्रश’ घिस जाते थे, जिसके कारण बार-बार मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती थी।
