नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। इस बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि, “राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक विचारों का आदान-प्रदान हुआ। भारत यथाशीघ्र तनाव कम करने और शांति बहाली का समर्थन करता है। यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला, सुरक्षित और सुलभ रहे, पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। पीएम ने बताया कि हम शांति और स्थिरता की दिशा में प्रयासों के संबंध में संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए। Received a call from President Trump and had a useful exchange of views on the situation in West Asia. India supports de-escalation and restoration of peace at the earliest. Ensuring that the Strait of Hormuz remains open, secure and accessible is essential for the whole world.…— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026 भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी इससे पहले मंगलवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी। भारत ने हमेशा डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने पर बल दिया है।यह पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत है। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रूट है और हालिया संघर्ष के चलते यहां तनाव बढ़ गया है। एक्स पोस्ट पर सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत भी शामिल थी। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच युद्ध करीब 25 दिन से जारी है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और ब्लॉकेज की वजह से वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल और गैस आयात करता है, इसलिए संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है। वहीं पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में संसद को संबोधित करते हुए इस संकट को “चिंताजनक” बताया और कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजरायल, अमेरिका और गल्फ देशों) से लगातार संपर्क में है। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद के रास्ते पर जोर दिया। Post navigation झूठे मुकदमों की बढ़ती संख्या पर PIL, SC ने केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया योगी सरकार में प्रदेश के श्रमिक और युवा हुए सशक्त