पीलीभीत, संवाददाता : पीलीभीत रोड को आठ लेन चौड़ा करने के लिए 2010 पेड़ों को आंवला के हिम्मतपुर में स्थानांतरित किया जाएगा। इस पर 4.02 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बीडीए 7.9 किलोमीटर सड़क को 116 करोड़ रुपये में चार से आठ लेन करेगा। बरेली में पीलीभीत रोड (सेटेलाइट से बैरियर टू तक) को आठ लेन चौड़ा किया जाना है। इससे पहले सड़क के दोनों किनारे खड़े 2010 पेड़ों को आंवला के हिम्मतपुर में शिफ्ट (एंटायर ट्री ट्रांस प्लांटेशन) किया जाएगा। वहां सात एकड़ भूमि भी उपलब्ध करा दी गई है। इस पर 4.02 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे विकास के साथ पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) वन विभाग व दिल्ली की एक निजी एजेंसी से बातचीत कर रहा है। बीडीए की ओर से सेटेलाइट से बैरियर टू तक 7.9 किमी लंबी सड़क को 116 करोड़ की लागत से चार से आठ लेन किया जाना है। बीडीए के तत्कालीन उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने चौड़ीकरण की जद में आ रहे पेड़ों को बचाने का निर्णय लिया था। सर्वे में पता चला कि कुल 2010 पेड़ चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं। इनमें से कुछ पांच साल पुराने तो कोई 50 साल पुराने हैं। इसमें पीपल, पाकड़, बरगद, शीशम, जामुन, बेल आदि के वृक्ष हैं। वन विभाग का मानना है कि एक पेड़ को शिफ्ट करने में करीब 20 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसमें जेसीबी, क्रेन, ट्रैक्टर की भी मदद ली जाती है। पहले भी ट्रांसलोकेट हुए हैं पेड़ कोरोना काल के बाद विकास में बाधक बन रहे करीब 500 बड़े पेड़ों को शिफ्ट कराया जा चुका है। विकास भवन, माल गोदाम, चौपुला रोड, स्टेडियम रोड से इन पेड़ों को क्यारा ब्लॉक के मंझा गांव में ट्रांसलोकेट कराया गया था। दो माह में काम शुरू कराने का दावासड़क के चौड़ीकरण के लिए बीडीए में टेंडर प्रक्रिया चल रही है जो 30 जून तक चलेगी। इसके बाद टेक्निकल, फिर फाइनेंसियल बिड खोली जाएगी। इसके बाद संबंधित फर्म को काम दिया जाएगा। बीडीए का दावा है कि दो माह में काम शुरू करा दिया जाएगा। बीडीए के अधिशासी अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि पेड़ों के शिफ्ट करने के लिए अनुमति मांगी गई है। वन विभाग व दिल्ली की निजी एजेंसी से बातचीत चल रही है। पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्कालीन उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने विशेष प्रयास किया है। डीएफओ दीक्षा भंडारी ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से पेड़ों को शिफ्ट करने की अनुमति मिल गई है। बीडीए की ओर से धनराशि जमा किए जाने के बाद काम को शुरू किया जा सकता है। इसके लिए निजी एजेंसियों की मदद भी ली जा सकती है। Post navigation शताब्दी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने वाला तालिब गिरफ्तार फरीदपुर में सर्वाधिक गैंग सक्रिय, बहेड़ी में हिस्ट्रीशीटर ज्यादा, पुलिस ने जारी किए आंकड़े