अप्रैल से मशीनों से होगी वाहनों की फिटनेस

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कानपुर, संवाददाता : सचेंडी के किसान नगर में आरटीओ का ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर अप्रैल से शुरू हो जाएगा। इसका भवन बनकर तैयार हो गया है। अत्याधुनिक मशीनों से वाहनों की फिटनेस के लिए मार्च तक मशीनें उपलब्ध हो जाएंगी। परिवहन विभाग के मुख्यालय की टीम मशीनों को ड्राइंग के अनुसार इंस्टॉल कराएगी।

इसकी ड्राइंग तैयार है। लखनऊ के बाद सूबे का यह दूसरा ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर बन जायेगा । यहां प्रतिदिन 200 वाहनों की फिटनेस हो सकेगी। कंप्यूटर से वाहनों की फिटनेस चेक करने में किसी भी प्रकार का खेल नहीं हो पाएगा। अभी तक आरटीओ के भौंती स्थित फिटनेस सेंटर में वाहनों की मैनुअली फिटनेस होती है।

इसमें कभी कभार कमी पकड़ में नहीं आती है। नए फिटनेस सेंटर में वाहनों की जांच कंप्यूटर से होगी। फिटनेस सेंटर पर चार पिट (गैराज प्वाइंट) बनाए गए हैं। एक पिट में एक दिन में 50 वाहनों की जांच हो सकेगी। मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में अक्सर फिटनेस को लेकर सवाल उठते रहते हैं। मशीनों से फिटनेस में फेल होने पर प्रमाणपत्र नहीं मिल सकेगा।

नई मोटर वाहन नीति में होगी मशीनों से फिटनेस

केंद्र सरकार की नई मोटर वाहन नीति की स्क्रैप पॉलिसी में इस नए फिटनेस सेंटर की भूमिका मुख्य होगी। इस पॉलिसी के तहत 15 से 20 वर्ष पूर्ण कर चुके निजी वाहनों का पुनर्पंजीकरण फिटनेस के आधार पर बढ़ाने का प्रावधान है। यानी गाड़ी चकाचक है तो निजी वाहनों को कंडम होने से बचाया जा सकता है। फिटनेस का मैनुअली सर्टिफिकेट तो जुगाड़ से लिया जा सकता है लेकिन मशीनों से फिटनेस चेक करने पर गड़बड़ी नहीं हो पाएगी।

आरटीओ,कानपुर,राजेश सिंह, ने बताया कि ऑटोमेटिक व्हीकल फिटनेस सेंटर अप्रैल में शुरू हो जाएगा। फिटनेस सेंटर में मशीनों की ड्राइंग परिवहन मुख्यालय को भेज दी गई है। इसको मंजूरी मिल गई है। फिटनेस मशीनों से होने पर वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट मिलने पर पारदर्शिता होगी।

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