भाजपा के लिए निवेश और रोजगार बनेगा जीत का आधार

लखनऊ,रिपब्लिक समाचार,विशेष शुक्ला : भाजपा सभी जिलों में इन्वेस्टर्स समिट के जरिए युवाओं को जोड़ने और माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। भाजपा सभी जिलों में इन्वेस्टर्स समिट के द्वारा युवाओं को जोड़ने और चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है।

एमएसएमई के द्वारा विकास की संभावना

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए मिलने वाला निवेश और रोजगार मोदी-योगी सरकार के लिए मिशन 2024 में बड़े हथियार बनाएंगे । लोकसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पहले हुई समिट में रिकॉर्ड 32.92 लाख करोड़ के निवेश और 92 लाख से अधिक युवाओ को रोजगार का दावा कर भाजपा सरकार ने न सिर्फ प्रदेश के एमएसएमई और पारंपरिक उद्योग से जुड़े बड़े वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है, बल्कि रोजगार के जरिए युवाओं को भी साधने की प्रत्यन कर रही है। प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों व एमएसएमई के विकास की संभावना को समझते हुए योगी सरकार ने 2018 में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट कराई थी।

इसके बाद ओडीओपी योजना लागू कर जिले तक पहुंच बनाई। फिर पारंपरिक उद्योगों से जुड़े लोगों और जातियों को जोड़ा गया । इसके बाद से इन्हें विस्तार देते हुए इस बार सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया गया । सभी 75 जिलों में एक साथ समिट आयोजित कराकर सांसदों की मौजूदगी में निवेशकों ने जिलों में भी बड़े पैमाने पर एमओयू किए। एमएसएमई में 1.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की उम्मीद है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सर्वाधिक निवेश के एमओयू हुए हैं। सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में रोजगार मेले लगाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की भी तैयारी कर रही है।

युवाओं को साधने की रणनीति

लोकसभा चुनाव 2024 के लिहाज से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भाजपा सरकार और संगठन के लिए महत्वपूर्ण है। उद्घाटन सत्र में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने समिट को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए। राजनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले यूपी में निवेश को वेस्ट समझा जाता है अब बेस्ट समझा जाता है। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उद्योगों को रोका जाता था। नेतृत्व बदलने से किस तरह देश-प्रदेश का परिदृश्य बदल गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि लोग कहते थे यूपी का विकास होना मुश्किल है, कानून व्यवस्था सुधरना नामुमकिन है। उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य कहलाता था। आए दिन करोड़ों के घोटाले होते थे। लेकिन सिर्फ छह साल में यूपी ने अपनी नई पहचान बना ली है । इसके जरिए जहां विपक्ष को घेरने की रणनीति है, वहीं उद्यमियों, व्यापारियों और युवाओं को भी साधने की तैयारी है। जानकार लोगो का कहना है कि समिट की पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी लोकसभा चुनाव के पहले किया जाएगा। जिसमे करीब पांच लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जमींन पर उतारकर और युवाओं को रोजगार दिलाने का दावा कर भाजपा पार्टी चुनाव मैदान में उतरेगी और मिशन 80 के लक्ष्य का पाने का प्रयास करेगी।

समिट के दिग्गज उद्योगपति सुधारेंगे यू पी की आर्थिक व्यवस्था

पीएम मोदी ने 2023-24 के बजट में अपनी सात प्राथमिकताओं में ग्रीन ग्रोथ को भी शामिल किया है। समिट के दौरान दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और एन. चंद्रशेखरन ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की बात की है । तीनों ने यूपी की अर्थव्यवस्था को दस खरब डॉलर बनाने में भी सहयोग का भरोसा दिया है । वहीं अंबानी ने लक्ष्मणपुरी, प्रभु श्रीराम की धरती और नदियों के संगम का जिक्र किया। एन.चंद्रेशखरन ने प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक शहरों में पर्यटन विकास में सहयोग का भरोसा दिलाया। इससे स्पष्ट है कि निवेशक सरकार के एजेेंडे को आगे बढ़ाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खत्म हुआ हार्दिक पांड्या और नताशा स्टेनकोविच का रिश्ता? करोड़ों की मालकिन हैं कंगना रनौत बिना किस-इंटिमेट सीन 35 फिल्में कर चुकी हूं इंग्लिश तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने रिटायरमेंट का किया ऐलान ‘विराट के खिलाफ रणनीति बनाएंगे… : बाबर आज़म