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यूपी सरकार 17 नगर निगम वाले शहारों में डी.डी कैफे खोलने जा रही है। प्रमुख सचिव नगरीय एवं गरीबी उन्मूलन अमृत अभिजात कि अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि दीन दयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं डी.डी कैफे चलाएंगी। जल्द ही कैफे का काम शुरू किया जाएगा।

डी.डी कैफे महिलाओं को सशक्त करने और रोजगार बढ़ाने का अनूठा प्रयास है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता महिला समूह स्कूलों और सरकारी दफ़्तरों में कैन्टीन संचालित करेंगी। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेगी और साथ ही लोगों को अच्छा खान-पान भी मिलेगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत डी.डी कैफे की शुरुआत वाराणसी में की गई। जहां पर 121 डी.डी कैफे का संचालन स्वयं सहायता समूह कि महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों और CHC में 28 और सरकारी स्कूलों में 93 कैफे चल रहे है। वाराणसी में इसकी अच्छी सफलता और प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में शुरू करने का फैसला लिया है।

बैठक में फैसला लिया

बैठक में फैसला लिया गया है कि पहले चरण में इसे 17 नगर निगम के दफ्तरों में शुरू किया जाएगा। जिसमें लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, बरेली, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी, फिरोजाबाद, मथुरा, शाहजहांपुर और अयोध्या शामिल है। इसके बाद इसकी सफलता को देखते हुए प्रदेश के सभी नगर निकायों और बाद में अन्य जगहों पर भी शुरू किए जाने का विचार है।

डी.डी कैफे का मकसद है शहरी गरीब सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार देना और इसके साथ लोगों को उचित दाम पर अच्छा खाना मिले।

प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को यह निर्देश दिए है कि छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत में जाकर महिलाओं के विभिन्न प्रयोगों को देखे। इसके लिए एक टीम भी गठित की गई है, इससे प्रेरणा पाकर नए सिरे से एक प्रस्ताव तैयार करें और अमल में लाए।