मुंबई, संवाददाता : पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपित मेहुल चोकसी को झटका देते हुए मुंबई की एक विशेष अदालत ने उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित करने की कार्यवाही रद करने की उसकी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस वर्ष अप्रैल में बेल्जियम में गिरफ्तारी के बाद हीरा कारोबारी चोकसी ने पीएमएलए के तहत मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष याचिका दायर कर उसे एफईओ घोषित करने संबंधी ईडी के आवेदन को खारिज करने का अनुरोध किया था। फरार कारोबारी चोकसी ने दलील दी कि वह वर्तमान में भारत में लंबित मामलों के लिए हिरासत में है, जिसके लिए बेल्जियम में भारतीय अधिकारियों द्वारा प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया था। इसलिए उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए ईडी द्वारा दायर आवेदन खारिज किए जाने योग्य है। वह पहले से ही भारत में मामलों के लिए हिरासत में है। चोकसी भारत नहीं लौटना चाहता ईडी ने उसकी याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि चोकसी भारत नहीं लौटना चाहता क्योंकि वह बेल्जियम में अपने खिलाफ शुरू की गई प्रत्यर्पण कार्यवाही का विरोध कर रहा है। जांच एजेंसी ने दलील दी कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की कार्यवाही उस वक्त समाप्त होती है जब कोई फरार आरोपित अदालत में पेश होता है, इसलिए इसे अभी समाप्त नहीं किया जा सकता। ईडी ने कहा कि आवेदन में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। एफईओ अधिनियम के तहत, किसी व्यक्ति को एफईओ घोषित किया जा सकता है, अगर उसके खिलाफ 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि से जुड़े अपराध के लिए वारंट जारी किया गया हो और वह देश छोड़कर भाग गया हो तथा वापस लौटने से इनकार कर रहा हो। आरोपित के एफईओ घोषित होने के बाद जांच एजेंसी उसकी संपत्ति कुर्क कर सकती है। चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी करोड़ों रुपये के इस घोटाले में मुख्य आरोपित हैं, जिसकी जांच सीबीआइ और ईडी दोनों कर रहे हैं। उन पर बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों को रिश्वत देकर पीएनबी से 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हड़पने का आरोप है। Post navigation Red Planet Day : 28 नवंबर को क्यों मनाया जाता है रेड प्लैनेट डे ? सर्दी की चपेट में उत्तर भारत, मौसम विभाग ने दी तूफान ‘दितवाह’ की चेतावनी