आगर मालवा, संवाददाता : मध्यप्रदेश के अलग अलग जिले में लगातार हो रही वर्षा ने पहले से ही जन जीवन अस्त व्यस्त किया हुआ है। वहीं, अब धीरे-धीरे वर्षा किसानों के लिए भी मुसीबत का सबब बनने लगी है, जिसके कई उदहारण हमारे सामने हैं। ऐसा ही एक ताजा प्रकरण आगर जिले से सामने आया है, जहां तलाब की पाल फूटने के चलते तालाब का पानी किसानों के खेत में घुस गया और उनकी खड़ी फसल बर्बाद हो गई। मूसलाधार वर्षा के चलते पाल फूट गई जानकारी के अनुसार आगर मालवा क्षेत्र में रविवार को हुई मूसलाधार वर्षा के चलते रविवार सोमवार की रात को जिले के सालिया खेड़ी गांव की बढ़ली पर बने छोटे तालाब की पाल अचानक फूट गई, जिस के कारण तालाब से ज्यादा पानी का रिसाव हो गया और पानी किसानों के खेतों के अंदर घुस गया, कहा जा रहा है कि पानी का बहाव इतना तेज था कि तालाब की पाल के बीच सेंटर से 15 फीट तक गहरा गड्ढा हो गया। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि तालाब का पानी लगभग 7 से 8 किसानों की 20 बीघा जमीन से होते हुए बड़े तालाब में पहुंच गया , जिससे किसानों की सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई। पीड़ित किसानों ने कहा कि हम इसी फसल के भरोसे अपना घर और परिवार का खर्च चलाते हैं, वही फसल पानी में बह गई। किसानों ने पटवारी को भी अवगत करवाया पर वह छुट्टी पर होने के चलते मौके पर पहुंचकर पंचनामा नहीं बना पाए। किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है। जिन किसानों की फसल पर तालाब का पानी घुश गया है उनमें राजेश कटारिया, मुकेश कटारिया, नारायण सिंह कटारिया, जगदीश निंबोदिया, प्रदीप पाटीदार,महेश भिलाला, भेरूलाल भिलाला, रामू सेठ वा अन्य किसानो का नाम शामिल हैं। इन किसानों ने शासन प्रशासन से उचित मुआवजा राशि प्रदान करने की गुहार लगाई है। Post navigation Prayagraj : पुलिस ने खोज निकाली अतीक -अशरफ की एक और संपत्ति Anantnag : सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादी मददगारों को किया गिरफ्तार