नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : H-1B visa : एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में एक बड़े बदलाव के तहत अमेरिकी ट्रंप प्रशासन रैंडम लाटरी सिस्टम को बंद करने जा रहा है जिसके जरिये वीजा पाने वालों को चुना जाता था। अब एक ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो ज्यादा कुशल और ज्यादा सैलरी वाले लोगों को वीजा देने में प्राथमिकता देगी। यह नई गाइडेंस ट्रंप प्रशासन द्वारा कानूनी और गैर-कानूनी, दोनों तरह के इमिग्रेशन पर बढ़ते शिकंजे और एच-1बी वीजा पर भी हो रहे बदलावों के बीच आई है। एच1बी वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए करती हैं। भारतीय प्रोफेशनल्स की बड़ी हिस्सेदारी अमेरिकी में एच-1बी वीजा धारकों में भारतीय प्रोफेशनल्स की बड़ी हिस्सेदारी है। मंगलवार को एक बयान में डिपार्टमेंट आफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा कि वह एच-1बी वर्क वीजा चयन प्रक्रिया के नियमों में संशोधन कर रहा है ताकि अमेरिकी कर्मचारियों की सैलरी, काम करने की स्थितियों और नौकरी के अवसरों की बेहतर सुरक्षा की जा सके। नया नियम 27 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगा। उसे मुताबिक, एच-1बी वीजा आवेदकों को चुनने का लाटरी सिस्टम दुरुपयोग से भरा था और कंपनियों द्वारा कम सैलरी पर विदेशी मजदूरों को लाने के लिए इसका फायदा उठाया जाता था। उधर, समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार यूएस इमिग्रेशन अथार्टी ने एच-1बी वीजा और अन्य कानूनी आव्रजन प्रक्रिया की निगरानी को कड़ा करने की घोषणा की है। इस कदम का कारण धोखाधड़ी की जांच, नई नियामक सीमाएं और एक व्यापक प्रवर्तन अभियान है, जिसका विवरण वर्ष के अंत की समीक्षा में दिया गया है। यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआइएस) ने रोजगार आधारित, छात्र और पारिवारिक आव्रजन की जांच को बढ़ा दिया है, जिसमें अब तक का सबसे बड़ा प्रवर्तन प्रयास आपरेशन ट्विन शील्ड शामिल है। इस ऑपरेशन में एच-1बी और छात्र वीजा के व्यापक दुरुपयोग और फर्जी विवाह आधारित आवेदनों का राजफाश हुआ। यूएससीआइएस ने रोजगार प्राधिकरण के नियमों में भी बदलाव इसके परिणामस्वरूप हजारों कार्यस्थल दौरे, लगभग 1,500 व्यक्तिगत साक्षात्कार, लाभ अस्वीकृतियां और यूएससीआइएस द्वारा गिरफ्तारियां हुईं। यूएससीआइएस ने रोजगार प्राधिकरण के नियमों में भी बदलाव किया है। कुछ वर्क परमिट के लिए ऑटोमैटिक एक्सटेंशन यानी स्वचालित विस्तार अब समाप्त कर दिया गया है जबकि नवीनीकरण आवेदनों की प्रक्रिया लंबित है। एजेंसी ने कुछ रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों की अधिकतम वैधता को पांच वर्षों से घटाकर 18 महीने कर दिया है। इसके पीछे तर्क दिया है कि यह कदम आवेदकों की अधिक बार जांच और मूल्यांकन की अनुमति देता है। अमेरिकी श्रम को छोड़कर तीसरी दुनिया के सस्ते विकल्पों की ओर जाना गलत : वेंसअमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका की ईसाई पहचान केवल अजन्मे बच्चों की रक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी नौकरियों और एच1बी वीजा से भी संबंधित है। उन्होंने कहा कि कंपनियों का अमेरिकी श्रम को छोड़कर तीसरी दुनिया के सस्ते विकल्पों की ओर जाना गलत है। उन्होंने एच-1बी वीजा पर अमेरिकी सरकार के कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एच1बी वीजा सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं क्योंकि यह अमेरिकी श्रमिकों की बजाय सस्से विदेश श्रमिकों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक ईसाई राष्ट्र है और भविष्य में भी रहेगा। Post navigation आज लॉन्च होगा इसरो का ‘Bahubali’ LVM-3,बदलेगा मोबाइल नेटवर्क का स्वरूप Delhi : प्रदूषण का कहर जारी, 70% इलाकों में AQI ‘गंभीर’