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इस्लामाबाद, डिजिटल डेस्क : गुलाम जम्मू-कश्मीर के रावलकोट में बीते आठ दिनों से जारी आंदोलन को कुचलने के लिए लगातार हिंसक तरीके आजमाए जा रहे हैं। रविवार को ईदगाह इलाके में बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने बेरहमी से अभियान चलाया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने बताया कि इस घटना के बाद इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया।

घटना के बाद क्षेत्र में मोबाइल सेवाओं को बंद कर दिया गया। शहर में अनिश्चितता और डर का माहौल बना हुआ है। बता दें कि ये आंदोलन पीओजेके विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने, सस्ती बिजली, आटा और सुविधाओं की मांगों को लेकर लगातार जारी है। जेकेजेएएसी को आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित करने के बाद इसमें तेजी आ गई।

पिछले आठ दिनों में सुरक्षाबलों की फायरिंग में 53 लोगों के मारे जाने का दावा जेकेजेएएसी ने किया है। रविवार को जेकेजेएएसी ने एक्स पर आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने रविवार सुबह रावलकोट में चल रहे आंदोलन को क्रूरतापूर्वक कुचलने के लिए अभियान चलाया।

पाकिस्तानी तंत्र की दुनियाभर में फजीहत

आंदोलन के चलते पाकिस्तानी तंत्र की दुनियाभर में फजीहत को देखते हुए सेना प्रमुख आसिम मुनीर इसे जल्द से जल्द खत्म कराने पर आमादा हैं।

इसके लिए शांतिपूर्वक धरने पर बैठे लोगों पर पूरी बर्बरता की जा रही है। मारे गए एक प्रदर्शनकारी की पहचान कर ली गई है, जबकि दूसरे की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है।

खबरों के अनुसार, कई इलाकों के लोगों ने खाने-पीने और रोज़मर्रा की चीज़ें पाने में हो रही दिक्कतों पर चिंता जताई है।इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पीओजेके में विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ पाकिस्तान की सख़्त कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

संगठन ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे आने वाले क्षेत्रीय चुनावों से पहले ज़रूरत से ज़्यादा बल का इस्तेमाल कर रहे हैं, असहमति को दबा रहे हैं और बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं।पीओजेके में सुरक्षाबलों के दमनचक्र के विरोध में यूके में कश्मीरी समुदाय के हजारों लोगों ने ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी कौंसुलेट, वेस्टमिंस्टर में किंग चार्ल्स के महल और ब्रिटिश संसद के बाहर प्रदर्शन किया।

पाकिस्तान का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा

एमक्यूएम मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) पार्टी के संस्थापक प्रमुख अल्ताफ हुसैन ने पीओजेके में प्रदर्शनकारियों पर जारी बर्बरता को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान की स्थिरता और अस्तित्व को खतरा पैदा हो सकता है।

उन्होंने आगाह किया कि इस आंदोलन से भड़की चिंगारी पूरे देश को अपनी चपेट में ले सकती है। उन्होंने कहा कि अपने ही देश के लोगों के दमन से सरकार को बचना चाहिए और उन पर रहम करना चाहिए। अन्याय और दमनचक्र की वजह से पाकिस्तान का पहले भी बंटवारा हो चुका है। बचे हुए पाकिस्तान के लिए इतिहास की गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए।