ऑपरेशन कावेरी और झुलसता सूडान

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Republic Samachar- Samarth Singh II ऑपरेशन कावेरी सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया एक बचाव अभियान है। इसे सूडान में संकट के जवाब में 24 अप्रैल, 2023 को लॉन्च किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य युद्धग्रस्त देश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाना है।

क्यों चलाया गया ऑपरेशन कावेरी?

सूडान की सेना और अर्धसैनिक बल के बीच गृह युद्ध छिड़ गया और इसकी वजह से हिंसा प्रभावित देश में 3000 से अधिक भारतीय फंस गए। इस गंभीर मुद्दे को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बचाव अभियान शुरू किया जिसका नाम भारत की कावेरी नदी के नाम पर रखा गया है। इस ऑपरेशन का मकसद सूडान में फंसे हर भारतीय को जल्द से जल्द वापस लाना है। अब तक पांच सौ से अधिक लोगों को भारतीय सेना और भारतीय नौसेना द्वारा बचाया गया है।

पहले 278 लोगों को कल आईएनएस सुनेधा के जरिए सऊदी अरब भेजा गया था। इसके बाद 286 भारतीय नागरिकों को भी जलमार्ग से आईएनएस तेग के माध्यम से सूडान से वापस लाया गया इसके बाद भारतीय वायु सेना के सी 130 जे के माध्यम से 121 नागरिकों को बचाया गया, और बचाव के तीसरे बैच में 135 भारतीय नागरिकों को सूडान से बाहर निकाला गया।

सूडान में अभी भी फंसे हैं 2,500 भारतीय

हालांकि बचाव अभियान पूरी गति से चल रहा है, लेकिन सूडान में अभी भी 2,500 भारतीय फंसे हुए हैं। सूडान में फंसे भारतीयों ने पहले कहा था कि वह डर के साये में जी रहे हैं और उन्हें भोजन, पानी और बिजली जैसी जरूरतें नहीं मिल पा रही हैं।

भारत ने ऑपरेशन कावेरी के तहत जेद्दा में दो परिवहन विमान और पोर्ट सूडान में आईएनएस सुमेधा को तैनात किया है। भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचने के बाद स्वदेश लाया जाना है।

सूडान में भीषण जंग जारी

सूडान में चल रहे गृह युद्ध के कारण स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। सूडान में अर्धसैनिक बल और सेना के बीच घातक लड़ाई में 450 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक चार हजार से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन हिंसा को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन सभी प्रयास व्यर्थ जा रहे हैं क्योंकि यह जंग रुकने का नाम ही नही ले रही है।

लड़ाई के बीच जेल से फरार हुए पूर्व अधिकारी

सूडान के युद्ध अपराधों के एक वांछित संदिग्ध अहमद हारून ने पुष्टि की है कि वह और 2019 में अपदस्थ पूर्व शासन के अन्य सदस्य हालिया लड़ाई के दौरान जेल से भाग गए हैं, जिससे जंग भीषण होने की आशंका बढ़ गई है।

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